एग्जाम से पहले सोशल मीडिया पर लग रही 10वीं-12वीं प्रश्नपत्र की बोली, कमलनाथ ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

भोपाल : मध्य प्रदेश में इन दिनों माध्यमिक शिक्षा मंडल यानी एमपी बोर्ड की ओर से 10वीं-12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा चल रही है। इसी बीच परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया के टेलीग्राम पर वायरल हो रहे हैं। इस मामले पर अब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। हालांकि, विभाग की ओर से सोशल मीडिया पर लीक होने वाले प्रश्नपत्र पिछले साल के बताए जा रहे हैं तो वहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी पेपर लीक होने की घटना को मान रहे हैं।
आपको बता दें कि, प्रदेश के कई छात्रों और उनके परिजन की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर संचालित कई ग्रुप्स पर प्रश्नपत्र की बोली लगाई जा रही है। दावा ये भी है कि, 10वीं के गणित और 12वीं के बायो का पेपर परीक्षा केंद्र में बंटने से पहले ही लीक हो चुके थे। इससे पहले भी पेपर लीक की खबरें सामने आ चुकी है। बता दें कि, 14 मार्च को दसवीं का संस्कृत प्रश्नपत्र और बारहवीं का हिन्दी, अंग्रेजी और बायोलॉजी विषय के पेपर टेलीग्राम ऐप पर वायरल हुआ था। हालांकि, असली पेपर लीक होने की बात विभाग की ओर से नकार दी गई थी।
इस संबंध में कमलनाथ ने व्यापाम और नर्सिंग घोटले के बाद पेपर लीक को लेकर चिंता का विषय बताया है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि, ये अत्यंत गंभीर मामला है और लाखों क्षात्रों का भविष्य इससे जुड़ा है। पहले ही व्यापम और नर्सिंग जैसे घोटालों से प्रदेश की परीक्षा प्रणाली संदिग्ध हो गई है, ऐसे में बोर्ड परीक्षा का पेपर भी लीक हो जाना चिंता का विषय है। मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूँ कि, मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराएं और ऊंचे पदों पर बैठे वास्तविक ज़िम्मेदार लोगों को दंडित करें।
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