भाजपा संगठन की पांच विधायकों पर पड़ी वक्र दृष्टि,विधायकों को संगठन की दो टूक,कोई समस्या है तो पार्टी फोरम में रखें बात,इंटरनेट मीडिया से कुछ नहीं होगा हासिल

भारतीय जनता पार्टी एक कैडरवेस पार्टी मानी जाती है और यहां अनुशासन से ही सबकुछ होता है| किसी नेता और कार्यकर्ता को किसी प्रकार की समस्या है तो उसके लिए पार्टी में सुनवाई के लिए अलग से पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है| इसके बाद भी पिछले कुछ दिनों से भाजपा के कुछ विधायक लगातार सरकार और संगठन के प्रति नाराज दिखे और उनकी नाराजगी पार्टी में न पहुंच कर सोशल मीडिया के माध्यम से सीधे जनता के बीच पहुंची जिसके कारण सरकार और संगठन की जमकर किरकिरी भी हुई| आखिरकार संगठन ने इस पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए पार्टी की विधायकों को दू टूक शब्दों में कहा है कि अगर की समस्या है तो सीधे आकर पार्टी फोरम में अपनी बात रखें| खुलेआम पार्टी की किरकिरी न कराएं और अपनी मर्जी से आप कुछ करते हैं तो उसके लिए पार्टी सख्त कार्रवाई भी कर सकती है| गौलतलब है कि मऊगंज में भाजपा के विधायक को पुलिस के कदमों में दंडवत होने का वीडियो प्रसारित हुआ था फिर केसली विधायक के धरने पर बैठने का वीडियो वायरल हुआ इसी प्रकार कुछ और विधायकों के वीडियो वायरल हुए जिसके कारण सरकार और संगठन की जमकर किरकिरी हुई लिहाजा अब सत्ता और संगठन ने ऐसे पांच विधायकों पर अपनी वक्र दृष्टि डाल दी है जो पार्टी की लाइन से हटक अपनी लाइन तैयार करने की कोशिश कर रहे थे| हांलाकि पार्टी के तेवर सख्त होते ही सभी विधायक बैकफुट में आ गए और संगठन सरकार से मांफी भी मांगते नजर आ रहे हैं| भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि कोई भी समस्या है तो उसे पार्टी फोरम में रख कर घर के अंदर बात करें न कि बाहर मीडियाबाजी करें जिससे पार्टी की छवि खराब हो|
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