भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बदलने की फिर शुरु हुई सुगबुगाहट,दस दिन में मिल सकते हैं भाजपा को नए प्रदेश अध्यक्ष

मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष को लेकर संशय की स्थिति लगातार बनी हुई है। लंबे समय से प्रदेश अध्यक्ष बदलने की बात हो रही है लेकिन केन्द्रीय नेतृत्व ने अभी तक प्रदेश अध्यक्ष बदलने का फैसला नहीं लिया है। कई बार खबर आती है कि अब वर्तमान अध्यक्ष को ही रिपीट किया जाएगा उसके तुरंत बाद फिर खबर आती है कि वर्तमान अध्यक्ष को केन्द्रीय नेतृत्व ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अब आप अध्यक्ष नहीं रहेंगे। अभी तक लोकसभा की कार्रवाई चल रही थी जिसके कारण बीजेपी में बड़े फैसले नहीं हो रहे थे क्योंकि पार्टी वक्फ बिल को लेकर ब्यस्त थी। अब लोकसभा समाप्त हो चुकी है लिहाजा अब माना जा रहा है कि भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष को लेकर जल्द ही फैसला ले लेगा। दरअसल मध्य प्रदेश में अध्यक्ष के चयन के लिए केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था लेकिन पहले दिल्ली का चुनाव होने के कारण वो मध्य प्रदेश नहीं आए और फिर उनके पिता का स्वर्गवास हो गया जिसके कारण वो मध्य प्रदेश नहीं आए और फिर लोकसभा का सदन चलने के कारण भी उनका दौरा रद्द किया गया। अब पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगले दस दिन के अंदर प्रदेश अध्यक्ष के रहस्य से पर्दा हट जाएगा। करीब दो दर्जन से ज्यादा दावेदार अध्यक्ष पद के बताए जा रहे हैं और उन्ही दावेदारों में किसी एक का चयन पार्टी करने वाली है। भारतीय जनता पार्टी सवर्ण वर्ग से किसी को अध्यक्ष चुनेगी अथवा आदिवासी वर्ग से किसी नेता को अध्यक्ष के तौर पर चुना जा सकता है। कहा यह भी जा रहा है कि केन्द्रीय मंत्री दुर्गादास उइके को प्रदेश अध्यक्ष के रुप में पार्टी सबको चौका सकती है और उन्ही की जगह वर्तमान बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा को केन्द्र में मंत्री बनाया जा सकता है। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें जीती थी जिसमें हर वर्ग को महत्व दिया गया लेकिन ब्राह्मण वर्ग के किसी भी नेता को केन्द्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है इसी लिए माना जा रहा है कि भाजपा वर्तमान अध्यक्ष को केन्द्र सरकार में शामिल कर सकती है।
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