शिवराज के 'नाम' से 'मोहन' को इतनी एलर्जी क्यों, विधायक जयवर्धन सिंह ने लगाया आरोप

मप्र में इन दिनों नामकरण की एक नई इबारत लिखी जा रही है। सबसे पहले बेरोजगारों का नाम बदल कर 'आकांक्षी' युवा नाम दिया गया और प्रदेश की बेरोजगारी एक झटके में खत्म कर दी गई। उसके बाद बारी आई सीएम राइज स्कूल के नामकरण की। बस मौके का इंतजार था। आखिर वो भी मिल गया। स्कूल चलें हम अभियान के दौरान सीएम ने ऐसा ऐलान किया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। अभी तक सिर्फ उन नामों को बदला जा रहा था जो गुलामी के प्रतीकों को याद दिला रहे थे। लेकिन अब ऐसे नामों को बदला जा रहा है जो भाजपा की सरकार ने और पूर्व सीएम शिवराज ने रखे थे। दरअसल पूर्व सीएम ने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए सीएम राइज स्कूलों की आधारशिला रखी थी। इन स्कूलों के विकास और बच्चों की शिक्षा पर काम आगे बढ़ ही रहा था कि सीएम यादव ने सीएम राइज स्कूलों का नाम बदल कर प्रदेश में एक नई सियासत को जन्म दे दिया है। स्कूल चलें हम अभियान के दौरान सीएम यादव ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके गुरु ऋषी संदीपनि का जिक्र किया। सीएम यादव ने कहा कि स्कूलों का नाम किसी महान ब्यक्ति अथवा शिक्षक के नाम पर रखा जाना चाहिए। सीएम राइज स्कूल अंग्रेजी नाम है लिहाजा उसका नाम ऋषी संदीपनी के नाम से होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सीएम राइज स्कूल का नाम बदलते ही भाजपा के नेताओं में भी सुगबुगाहट का दौर शुरु हो गया। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने नामकरण पर कहा कि डॉ. मोहन यादव को पूर्व सीएम शिवराज के नाम से एलर्जी है जिसके कारण वो इस प्रकार से नामकरण कर रहे हैं।
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