विंध्य में 'महाराज' की छाया,संपर्क में कई विधायक

भोपाल : बीजेपी का सत्ता और संगठन मिशन 2023 की तैयारी में जुटा है लेकिन बीजेपी में एक ऐसा खेमा है जो सत्ता की मलाई खाने के लिए मठे में बिखरे मक्खन को समेटने में जुटा है। दरअसल केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस ने 2018 में चेहरा बनाया और फिर सत्ता की बारी आई तो कमलनाथ को सीएम बना दिया गया। वो टीस कहीं न कहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के दिल में बनी रही यही कारण रहा कि उन्होने अपना रास्ता बदल बीजेपी का दामन थाम लिया। अब महाराज बीजेपी में शक्कर की तरह घुल गए हैं लिहाजा अब वो अपने पुराने सपने को जीने की कवायद में जुट गए हैं। यही कारण है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया अपना कुनवा बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। जब भी भोपाल आते हैं तो बीजेपी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं से और विधायकों से मिलने के लिए जरुर जाते हैं। लेकिन अब उनका कारवां विंध्य के बीजेपी विधायकों की तरफ बढ़ चला है और इस कारवां को बढ़ाने की जिम्मेदारी मंत्री तुलसीराम सिलावट को दी गई है। इस खबर पर मुहर उस वक्त लगी जब 13 मार्च की रात तुलसीराम सिलावट के निवास पर विंध्य के चार आदिवासी विधायकों को बुलाकर उन्हे महाराज का संदेश सुनाया गया। चारों विधायकों में दो मंत्री भी शामिल हैं और उनमें एक तो वो विधायक भी शामिल हैं जो कांग्रेस पार्टी में जाने का ऐलान कर चुके थे लेकिन सत्ता बदलते ही उन्होने अपने पैर खींच लिए थे। विधानसभा चल रही है लेकिन इस बीच केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सिपेसालार लगातार अपने महाराज की गोटियां बिछाने में लगे हैं। चार विधायकों और तुलसीराम के बीच काफी गांभीर बातें हुई हैं। जिसका आगे खुलासा भी किया जाएगा अभी इतना काफी है कि यह सिलसिला सिर्फ चार विधायकों तक ही सीमित नहीं बल्कि कुनवे को बढ़ाने के लिए अन्य सिंधिया समर्थक भी जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं।
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